Skin Cancer- त्वचा के कैंसर के कारण, प्रकार, बचाव एवं देखभाल.

यद्यपि भारतवर्ष Skin Cancer के मामले में Low Risk Country में सम्मिलित है और न्यूजीलैंड में जहाँ त्वचा के कैंसर से मरने वालों की संख्या प्रति 1 लाख व्यक्तियों में से 7680 है वहीँ ऑस्ट्रेलिया में 6520, कनाडा में 3290 एवं अमेरिका में 3210 है | जबकि भारतवर्ष में यह संख्या 180 है लेकिन बदलते परिवेश और समय के चलते यह Skin Cancer नामक बीमारी पूरे विश्व में बढती जा रही है | यदि अमेरिका की हम बात करें तो अमेरिका में Skin Cancer सबसे सामान्य प्रकार का केंसर है। पुरानी कोशिकाओं का नई कोशिकाओं में परिवर्तित होना किसी भी शरीर के लिए एक सामान्य सी बात है । लेकिन कभी-कभी शरीर को नई कोशिकाओं की जरूरत न होने पर भी त्वचा की कोशिकाएं विभाजित होती रहती हैं जिससे Skin Cancer नामक इस बीमारी का प्रादुर्भाव हो जाता है |

skin cancer information in hindi

त्वचा का कैंसर क्या है (What is Skin Cancer In Hindi):

Skin Cancer का Hindi में अर्थ त्वचा के कैंसर से लगाया जा सकता है | इस प्रकार के कैंसर में भी त्वचा की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं | Skin Cancer के भी कई अलग अलग प्रकार हो सकते हैं यह सब त्वचा की कोशिकाओं की संग्लिप्त्ता पर निर्भर करता है | इन त्वचा कोशिकाओं में epidermis के माध्यम से केराटिनोसाइट्स उपस्थित रहते हैं और केराटिनोसाइट्स के बीच Basal layer में मेलानोसाइट्स उपस्थित रहते हैं | जब melanocytes कैंसर का रूप धारण कर लेते हैं तब यह melanoma का कारण बन सकता है | हालांकि melanomaबहुत कम प्रचलन में अर्थात दुर्लभ है लेकिन यह Skin Cancer का सबसे भयावह प्रकार है | बालों के रोमों से उत्पन्न मूल कोशिकाओं का परिवर्तन basal cell carcinoma (BCC) कहलाता है और त्वचा की ऊपरी परत से उत्पन्न कोशिकाओं में परिवर्तन squamous cell carcinoma (SCC) कहलाता है | इन्ही दो प्रकार के Skin Cancer को सामूहिक रूप से nonmelanoma skin cancer कहा जाता है | इसमें त्वचा कैंसर का जो पहला प्रकार BCC है वह त्वचा कैंसर का एक आम रूप है जबकि SCC आम नहीं है और यदि यह शरीर के अन्य भागों में फैल गया तो बेहद गंभीर हो सकता है |

त्वचा के कैंसर के कारण (Cause of Skin Cancer in Hindi):

यद्यपि माना ये जाता है की गोरे रंग के लोगों में Skin Cancer होने का जोखिम अधिक होता है लेकिन केवल ऐसे लोगों को ही नहीं जिन्हें Risk अधिक है अपितु काली त्वचा वाले लोगों सहित किसी भी व्यक्ति को Skin Cancer हो सकता है | लेकिन यदि निम्नलिखित कारकों में से कोई एक कारक भी किसी व्यक्ति पर लागू होता है तो इस स्थिति में कहा जा सकता है की ऐसे व्यक्तियों को Skin Cancer होने का जोखिम अधिक है |

  • ऐसे व्यक्ति जो धूप में अधिक समय बिताते हों |
  • किसी ऐसे परिवार के सदस्य हों जो परिवार त्वचा कैंसर से पीड़ित रहा हो |
  • वह व्यक्ति जिसके शरीर में मस्सों की संख्या अधिक हो |
  • ऐसे व्यक्ति जिनकी त्वचा में धूप के संपर्क में आने से जलन एवं झाइयाँ पड़ती हों |
  • त्वचा, बालों, आँखों का हलके रंग का होना |

त्वचा के कैंसर से बचने के उपाय (Precautions to Prevent Skin Cancer):

यद्यपि यह जरुरी नहीं है की निम्नलिखित सावधानियां बरतने वाले व्यक्ति को Skin Cancer नहीं होगा लेकिन नीचे दी गई सावधानियां अपनाकर त्वचा केर कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है |

  • गर्मियों में सुबह 10 बजे से शाम के 4 बजे तक धूप से बचने की कोशिश करें |
  • सूर्य की हानिकारक किरणों से बचने के लिए टोपी, पूरी बाजू की पैंट, शर्ट इत्यादि कपडे पहने |
  • धूप में घर से निकलने से पहले Sun Protection Factor (SPF) का इस्तेमाल करें |
  • Skin Cancer के बारे में जानकारी जुटाने के बाद जानने की कोशिश करे की यह दीखता कैसा है |
  • अपनी त्वचा की जांच हर महीने कराकर कोई बदलाव नज़र आने पर अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें |
  • यदि किसी व्यक्ति को लगता है की उसकी त्वचा में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं जो Skin Cancer के लक्षण हो सकते हैं तो इस स्तिथि में व्यक्ति को त्वचा विशेषज्ञ जिन्हें dermatologist कहा जाता है को दिखाना चाहिए |

त्वचा के कैंसर के प्रकार (Types of Skin Cancer in Hindi):

Skin Cancer मुख्यतः तीन प्रकार का होता है जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है |

1. Basal Cell Carcinoma (BCC):

Basal Cell Carcinoma नामक यह त्वचा का कैंसर एक समान्य प्रकार का कैंसर है | यह त्वचा की सबसे निचली परत की मूल कोशिकाओं में विकसित होता है | इसकी विकसित होने की गति बिलकुल धीरे धीरे रहती है और सामान्यतया यह शरीर के अन्य किसी भाग में फैलता नहीं है या यूँ कहें की शायद ही किसी विरली स्थिति में यह शरीर के अन्य भागों में फैलता हो | लेकिन फिर भी इसका इलाज कराना अति आवश्यक है | Basal Cell Carcinoma धूप के संपर्क में आने वाले शरीर के अंग जैसे चेहरा, कान, खोपड़ी इत्यादि पर होता है |

2. Squamous Cell Carcinoma (SCC):

Squamous Cell Carcinoma नामक यह त्वचा का कैंसर त्वचा की उपरी सतह में बाहरी कोशिकाओं में होता है | इस Type का Skin Cancer मुहँ के अन्दर एवं जननेंद्रिय क्षेत्र सहित कहीं भी हो सकता है | Squamous Cell Carcinoma नामक इस कैंसर को शरीर में फैलने से रोकने के लिए शुरू में ही इलाज कराना बेहद जरुरी है |

3. Melanoma:

Melanoma नामक यह त्वचा का कैंसर त्वचा को रंग देने वाली त्वचा कोशिकाओं से शुरू होता है | Melanoma नामक इस कैंसर की विकसित होने की गति बड़ी तीव्र है इसलिए यह शरीर के अन्य उतकों एवं अंगों में बड़ी जल्दी फैल सकता है | यही कारण है की शुरुआत में ही इलाज कराने से ठीक होने की दर अधिक है |

त्वचा के कैंसर में देखभाल (Care in Skin Cancer):

जहाँ तक Skin Cancer के Treatment का सवाल है इसके उपचार में भी अन्य कैंसर के उपचार की तरह शल्य क्रिया, विकिरण चिकित्सा, कीमोथेरेपी इत्यादि सम्मिलित है | शल्यक्रिया में त्वचा से Skin Cancer प्रभावित उतक को हटा लिया जाता है | यह क्रिया चिकित्सक के क्लिनिक में या अस्पताल में की जाती है | त्वचा से हटाये गए उतक को कैंसर की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है इस जांच को Biopsy कहा जाता है | यद्यपि Skin Cancer में शल्यक्रिया के बाद आगे Treatment की जरुरत नहीं पड़ती लेकिन जरुरत पड़ने पर आगे चिकित्सक Radiation Therapy और Chemotherapy के लिए भी कह सकते हैं | हालांकि Skin Cancer का पूर्ण रूप से इलाज विकिरण चिकित्सा एवं कीमोथेरेपी द्वारा भी किया जा सकता है |

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