गंभीर बीमारियों के शुरूआती लक्षण |

बहुत बार ऐसा होता है की बहुत सी गंभीर बीमारियों के लक्षण समय से समझ में नहीं आते हैं जिनका बाद में मेडिकल जांच करने पर कोई घातक बीमारी की पुष्टि का पता चलता है | तब अचानक प्रकट हुई ऐसी स्थिति से मनुष्य तनाव में आ सकता है यह सत्य है की बीमारी कोई भी हो यदि उसका समय से पता चल जाय तो उसके ठीक होने की ज्यादा संभावना होती है और यदि घातक बीमारियों के शुरूआती लक्षणों को नज़रंदाज़ किया गया तो परिणाम खतरनाक हो सकते हैं | इसी बात के मद्देनज़र आज हम Symptoms of serious diseases in Hindi नामक इस लेख में जानने की कोशिश करेंगे ऐसे लक्षणों के बारे में जो गंभीर बीमारियों के भी हो सकते हैं |

गंभीर बीमारियों के लक्षण

  1. लगातार कई दिन पूर्व से खांसी आना:

जैसा की हम अनेक विज्ञापनों में भी देखते हैं की तीन हफ्ते से अधिक की लगातार खांसी टीबी हो सकती है लेकिन इसमें भी दो बातें हैं एक बात यह है की यदि प्रभावित व्यक्ति या महिला की उम्र 50 साल से कम है तो यह टीबी ही हो सकती है | लेकिन यदि प्रभावित व्यक्ति या महिला की उम्र 50 साल से अधिक है तो लगातार खांसी आना और कई बार उसमे खून भी आना फेफड़ों का कैंसर हो सकता है |

  1. बिना वजह वजन कम होना :

सामान्य तौर पर यदि हम देखें तो हमारा दो चार किलो वजन ऊपर नीचे होते रहता है जिसके व्यक्ति की आर्थिक, पारिवारिक, व्यवसायिक  स्थिति में आये परिवर्तन एक कारण होते हैं इसके अलावा अत्यधिक चिंता, असंतुलित या अपर्याप्त भोजन भी वजन कम होने के कारण हो सकते हैं लेकिन जब न व्यक्ति को टेंशन है और न ही भोजन की कमी है इसके बावजूद भी लगातार वजन कम होता जा रहा है तो यह टीबी अर्थात क्षय रोग के कारण हो सकता है | हालांकि बढती उम्र अर्थात 46-50 साल के बाद लगातार वजन कम होना डायबिटीज या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के कारण भी हो सकता है |

  1. अच्छा खाना पीने के बावजूद कमजोरी:

यदि कोई व्यक्ति या महिला की भूख में कोई कमी नहीं आई है अर्थात वह अच्छे ढंग से अपनी डाइट ले रहे हैं लेकिन उनके शरीर में इन सबके बावजूद कमजोरी है तो यह डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं | इस बीमारी में बहुत बार कमजोरी के साथ साथ भूख और प्यास अधिक लगना और बार बार पेशाब जाने के लक्षण भी दिखाई देते हैं |

  1. बेहोशी या चक्कर आना:

यद्यपि बेहोशी या चक्कर आना एक सामान्य बात भी हो सकती है और जिसे चक्कर आने में प्रयुक्त होने वाली होम रेमेडी के माध्यम से उपचारित भी किया जा सकता है | लेकिन कुछ लोगों को काम करते करते कुछ समय के लिए चक्कर या चेतना शून्य होने का आभास होता है और साथ में पसीना आना या हाथ पैर ठन्डे होने जैसे लक्षण भी होते हैं | इस तरह के लक्षणों को बिलकुल भी नज़रंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इस प्रकार के लक्षण मस्तिष्क या Circulatory system समबन्धि गंभीर बीमारियों के सूचक हो सकते हैं |

  1. सीने में दर्द होना :

सीने में दर्द होना गैस या पेट में एसिड की मात्रा अधिक बनने के कारण भी होता है लेकिन यह लक्षण ह्रदय एवं फेफड़ो से सम्बंधित गंभीर बीमारियों के कारण भी हो सकता है |

  1. हमेशा थोडा थोडा बुखार बने रहना:

सामान्य तौर पर यदि किसी व्यक्ति या महिला को थोडा थोड़ा बुखार रहता है तो वे इस पर ध्यान नहीं देते क्योंकि उन्हें लगता है ये मौसम में बदलाव इत्यादि के चलते हुआ होगा | लेकिन इस तरह का लगातार थोडा थोडा बुकाहर होना क्षय रोग या तपेदीक का लक्षण हो सकता है इसके अलावा मूत्रमार्ग के संक्रमण के कारण भी थोड़ा थोड़ा बुखार बना रहता है |

  1. शरीर के अंग में असामान्य वृद्धि या गाँठ:

यह बिलकुल सत्य है की शरीर में जितनी भी गांठे होती हैं उनमे सामान्य गांठे भी होती हैं अर्थात कहने का आशय यह है की सभी गांठे कैंसर की गांठे नहीं होती लेकिन फिर भी यदि शरीर के किसी भाग में खास टूट पर स्तनों में कोई गाँठ हो तो यह स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है | किसी मस्से या तिल में परिवर्तन होने पर चिकित्सक को अवश्य दिखाएँ |

  1. छाले एवं सफ़ेद चकते जो ठीक न हो रहे हों :

शरीर पर कोई ऐसा छाला जो समय एवं इलाज के बाद ठीक होने की बजे बढ़ता जा रहा हो खतरनाक साबित हो सकता है इसी तरह मुहं, होंठ या गलों पर सफ़ेद छाले या चकते जिन्हें ल्युकप्लेकिया कहते हैं कैंसर में परिवर्तित हो सकते हैं | वैसे सामान्य अवस्था में मुहं में छाले विटामिन बी काम्प्लेक्स की कमी से एवं पेट की खराबी के कारण भी हो सकते हैं और जब इन छालों से मुहं में घाव हो जाते हैं तो उन्हें aphthous ulcer कहा जाता है |

  1. योनि से स्राव होना :

यदि रजोनिवृत्ति के बाद भी योनि से सफ़ेद तरल या रक्त मिला हुआ स्राव या फिर केवल रक्तस्राव होता हो तो यह गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है |

  1. त्वचा में संवेदना शून्य धब्बे:

त्वचा में लाल चमकीले या रंगहीन सफ़ेद धब्बे जिनमे संवेदना नहीं होती यानि इनको स्पर्श या छूने से एहसास नहीं होता, या कुछ मामलों में इन धब्बों में संवेदना हो भी सकती है यह लक्षण कुष्ठ रोग जैसी गंभीर बीमारी के हो सकते हैं |

  1. आँखों में तेज दर्द होना :

यदि किसी व्यक्ति या महिला की आँखों में तेज दर्द होता है तो उसे शीघ्र अति शीघ्र चिकित्सक को दिखाना चाहिए क्योंकि यह लक्षण गंभीर बीमारियों में से किसी एक बीमारी जिसे ग्लूकोमा कहते हैं का हो सकता है | ग्लूकोमा नामक यह बीमारी भारत में अंधेपन के लिए बहुत बड़े तौर पर जिम्मेदार है |

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