Types of pedicure in Hindi

Pedicure नामक इस थेरेपी की उत्पति विभिन्न समस्याओं जैसे पैरों की त्वचा सख्त और काली हो रही हों, या फिर पैरों में ऐंठन रहती हो इत्यादि से आराम या निजात पाने हेतु हुई है | पेडीक्योर नामक यह एक ऐसी थेरेपी है , जो पैरों की त्वचा में निखार लाकर आराम देने का भी काम करती है | यद्यपि इसको पैरों की अलग-अलग समस्याओं के आधार पर उपयोग में लाया जाता है क्योंकि हर तरह की समस्या के लिए अलग अलग पेडीक्योर के प्रकार का निर्धारण किया गया है | इसलिए आज हम अपने Types of pedicure in Hindi नामक इस लेख में पेडीक्योर के कुछ प्रमुख प्रकारों का संक्षिप्त तौर पर वर्णन करेंगे |

Pedicure-types-in-hindi

  1. रेगुलर पेडीक्योर:

यह Pedicure एक पारम्परिक तरीका है जिसमे पैरों पैरों को गुनगुने पानी में भिगोया जाता है,उन्हें रगड़ा जाता है, उन्हें साफ़ किया जाता है, इसके अलावा नाखूनों और उसके किनारों की त्वचा (क्यूटिकल्स) को काटा भी जाता है ,  इस पारम्परिक तरीके में पैरों की मालिश व नाखूनों की पॉलिश भी की जाती है ।

  1. Hot Stone Pedicure:

पेडीक्योर के इस प्रकार में सबसे पहले पैरों को रिलैक्स करने के लिए तेलों से मसाज दी जाती है। इससे पैरों की नसों को आराम मिलता है तथा आपके पैर तरोताजा हो जाते हैं। इसके बाद पैरों पर गर्म पत्थर रखे जाते हैं, खासकर पैरों की कुछ खास बिंदुओं (प्रेशर प्वाइंट) पर या फिर इन गर्म पत्थरों से पैरों की मालिश की जाती है। इससे पैरों के दर्द और ऐंठन से राहत मिलता है। त्वचा द्वारा तेल को अवशोषित करने में पत्थर की गर्मी मददगार होती है, जिससे आपके पैरों की जरूरी नमी बनी रहती है। गर्म पत्थर की मालिश के पश्चात् पैरों को गर्म तौलिये में लपेट दिया जाता है, ताकि रक्तसंचार बेहतर हो सके।

  1. पैराफिन पेडीक्योर:

पेडीक्योर का यह प्रकार शुष्क व फटी एड़ियों के लिए बेहतर उपाय है | पैराफिन Pedicure में सबसे पहले साधारण प्रकिया से पैरों की सफाई की जाती है। फिर पैरों को पैराफिन मोम के बर्तन में डुबाया जाता है अथवा पैरों में पैराफीन का लेप लगाया जाता है। इससे पैरों की सारी गंदगी साफ हो जाती है और पैर मुलायम हो जाते हैं।

  1. वाइन पेडीक्योर:

यह Regular Pedicure की तरह ही है। लेकिन इसमें पैरों को भिगोने की सामग्री के तौर पर वाइन का इस्तेमाल होता है। अंगूर के बीजों से बने स्क्रब और अंगूर के बीजों के तेल का इस्तेमाल त्वचा को मलने व मालिश करने के लिए किया जाता है। इसके बाद पैरों पर अंगूर का पैक चढ़ा दिया जाता है। यह त्वचा की झुर्रियों को हटाने के साथ त्वचा में निखार भी लाता है।

  1. आइसक्रीम पेडीक्योर :

आइसक्रीम पेडीक्योर नामक इस प्रकार में भी रेगुलर फूट पेडीक्योर की प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं। इस पेडीक्योर के अंतर्गत पैरों को एक बर्तन में भिगोया जाता है, जिसका आकार आइसक्रीम स्कूप की तरह का होता है। अच्छी तरह भिगोने के बाद चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी या वनीला से बने स्क्रब की मदद से पैरों को रगड़ा जाता है। एक बार वे साफ हो जाएं, फिर मॉईस्चराइजिंग लोशन के लेप का इस्तेमाल करते हुए पैरों की मालिश की जाती है।

  1. फ्रेंच पेडीक्योर

    :

इसकी शुरुआती प्रक्रिया रेगुलर या बेसिक Pedicure सी ही होती है। पैरों को पहले गुनगुने पानी में भिगोया जाता है, फिर रगड़कर साफ किया जाता है। नाखूनों व क्यूटिकल्स को काट-छांटा जाता है तथा पैरों की मालिश की जाती है। इसमें नेल पॉलिश की परत ही इसे फ्रेंच पेडीक्योर बनाने का काम करती है । पैरों को साफ करने के बाद नाखूनों पर गुलाबी रंग की परत चढ़ाई जाती है, फिर नाखूनों के बाहरी सिरे पर सफेद पॉलिश चढ़ाई जाती है।

  1. Spa Pedicure

पेडीक्योर के इस प्रकार में पैरों की त्वचा से गंदगी व मृत त्वचा को हटाने के लिए उन्हें एरोमेटिक स्क्रब से रगड़ा जाता है। क्यूटिकल्स व नाखूनों को काटा जाता है। इसके बाद पैरों की मालिश की जाती है। नमी बनाए रखने के लिए हाइड्रेटिंग मास्क का लेप पैरों पर लगाते हैं। इसके बाद गर्म तौलिये से पैरों को ढक दिया जाता है। कहीं-कहीं पैराफिन वैक्स और जेली में भी पैरों को डुबोते हैं। यही कारण है की स्पा पेडीक्योर नामक इस प्रकार को करने में थोडा ज्यादा वक्त लग सकता है।

  1. फिश पेडीक्योर:

Pedicure के इस प्रकार के अंतर्गत, पैरों को मछलियों वाली टब में डुबोया जाता है। ये मछलियां : डॉक्टर फिश या गारा रुफा कहलाती हैं। ये मछलियां पैरों की मृत त्वचा को कुतर कर हटा देती हैं। इन मछलियों के दांत नहीं होते, इसलिए वे सिर्फ मृत त्वचा को कुतरती है। इसके बाद रेगुलर पेडीक्योर की प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है |

यह भी पढ़ें:

आइस थेरेपी करने का तरीका एवं इसके फायदे |

वेगन डाइट क्या है और इससे मोटापा कैसे कम करें |

घर पर स्पा करने का आनंद कैसे उठायें |  

  1. एरोमाथेरेपी पेडीक्योर :

इसमें मसाज के लिए एरोमेटिक ऑयल्स और स्क्रब के लिए बाथ साल्ट का इस्तेमाल किया जाता है। त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए पेडीक्योर का यह प्रकार सबसे बेहतर है। इससे त्वचा मुलायम बनी रहती है। इसके अलावा एंटी-टैन पेडीक्योर भी है। पैरों से टैनिंग हटाने के लिए इस Pedicure का इस्तेमाल कर सकते हैं ।

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *