वेगन डाइट क्या है और कैसे मोटापे को कम करने में है सहायक |

वेगन डाइट (Vegan Diet) का अर्थ एक ऐसे आहार से लगाया जाता है जिसमे केवल और केवल पौधे और पौधों से उत्पादित खाद्य पदार्थ सम्मिलिति होते हैं | सामान्य तौर पर हम यदि देखें तो वेगन डाइट को हम शाकाहारी आहार भी कह सकते हैं इसमें अनाज, सब्जियां, फल,नट इत्यादि सामिलित हैं | जिसमे माँसाहारी भोजन पशुओं से उत्पादित भोजन जैसे मीट, चिकन अंडा इत्यादि सम्मिलित न हो वह वेगन डाइट कहलाती है | मोटापे से छुटकारा पाने की चाहत में कई लोग ‘वेगन डाइट अपना तो लेते हैं फिर भी उनका वजन कम नहीं हो पाता वह इसलिए क्योंकि लोगों के दिमाग में बैठ गया है कि वेगन डाइट उन्हें स्लिम-ट्रिम कर देगी।

वेगन डाइट -helping to reduce obesity

वेगन डाइट से वजन कैसे कम करें?

लोगों को यह वहम हो गया है की वेगन डाइट उन्हें बिना नियमों का नुसरन किये हुए पतला कर देगी या उनका वजन घटा देगी | लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है कुछ लोगों पर तो इसका उल्टा असर होता है। पतले होने की बजाय वह पहले से भी मोटे होने लगते हैं। इसका कारण है कुछ गलत आदतें, जो वेगन डाइट लेने के बावजूद उनके ‘वेट लूज मिशन को फेल कर सकती हैं। ऐसे में जरूरी है वेगन डाइट की केमिस्ट्री को सही ढंग से समझने की ।

पर्याप्त मात्रा में करें प्रोटीन का सेवन:

वजन कम करने की कड़ी में प्रोटीन मुख्य भूमिका निभाता है। वेगन डाइट लेते वक्त प्रोटीन पर फोकस करना चाहिए। वेट लूज प्रोग्राम से जुड़कर वेट लॉस डाइट लेने वाले पुरुष और महिलाओं पर हुए एक शोध में पाया गया है कि जो ग्रुप पर्याप्त मात्रा में 2-3 बार प्रोटीन का सेवन कर रहा था, उनका ज्यादातर फैट खत्म हो चुका था। प्रोटीन की सही मात्रा के कारण ही उनका वजन तेजी से कम हो रहा था। बेशक आप अपने खानपान पर ज्यादा ध्यान दे रही हों, लेकिन अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन सही मात्रा में नहीं ले रही हैं, तो आप वजन कम करने के लक्ष्य से दूर ही रहेंगी। प्रोटीन की पूर्ति के लिए नट्स अच्छा स्रोत हैं। इन्हें सलाद पर छिड़कर कर आप खा सकती हैं। इसके अलावा प्रोटीन सप्लीमेंट और स्मूदी भी प्रोटीन की पूर्ति करेगी। वेगन डाइट के साथ इन्हें भी शामिल करें। प्रोटीन के लिए बींस और दालें अच्छा विकल्प हैं।

खाने की मात्रा पर ध्यान दें:

वजन कम करने के लिए साग-सब्जियों और फल पर निर्भर होने के बाद लोग अक्सर सोच
लेते हैं कि हेल्थी चीज को जितनी मात्रा में खाया जायेगा उतना अच्छा जो की बिलकुल सही नहीं है । साग-सब्जी, फल, नट्स, ब्राउन राइस, एवाकाडो आदि सभी हेल्थी फ़ूड की लिस्ट में सम्मिलित हैं, इसलिए कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे यह सत्य नहीं है। वजन कम करने के लिए हम जिस डाइट को अपनाते हैं, वह उल्टा हमारा वजन बढ़ा देती है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा मात्रा में हम उनका सेवन कर चुके होते हैं। इस डाइट को हम लो कैलोरी डाइट नहीं कह सकते। तय मात्रा से ज्यादा खाना, आपको आपके लक्ष्य से भटका सकता है। इसलिए,
प्रोटीन का सेवन करें, लेकिन हर मील के हिसाब से प्रोटीन युक्त सामग्री की मात्रा तय करके रखें। खाने की मात्रा को सीमित रखने के लिए छोटे आकार की प्लेट और कटोरी का इस्तेमाल करें।

दिन में बस तीन बार खाने का प्रयास करें:

हालिया रिसर्च के अनुसार, दिनभर में तीन मील और दो बार स्नैक्स को आइडल माना गया है, लेकिन जो व्यक्ति या महिला वजन कम करना चाहते हैं उन्हें इससे भी कम बार खाना पड़ेगा | दरअसल होता क्या है की हर बार खाना खाने पर हमारे शरीर से इंसुलिन रिलीज होती है। इसका काम होता है, खाने के पाचन के बाद रक्त में रिलीज हुई शुगर को हटाने का। हर बार खाना खाने पर यह प्रक्रिया दोहराई जाती है। तीन मील के साथ शामिल दो बार का स्नैक्स लेने पर भी इंसुलिन रिलीज होगा। अगर आपके शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत है, तो ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जा सकता है। इससे रिलीज होने वाली शुगर स्टोर होने की बजाय एनर्जी के रूप में इस्तेमाल हो सकती है। अगर एनर्जी की जरूरत सीमित है, तो यह शुगर फैट के रूप में शरीर में जमा होगा। स्नैक्स की बजाय अपने मील में नट्स, नट बटर, नट मिल्क, टोफू, दालें, बींस और प्रोटीन युक्त सब्जियों को तरजीह दें। कई बार वेगन डाइट के रूप में लोग प्लांट-बेस्ड अल्टरनेटिव फूड आइटम्स को शामिल कर लेते हैं। ये फूड कहने को वेगन फूड होते हैं, लेकिन जंक फूड से ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। जैसे कि वेजिटेबल चिप्स, जिसमें तेल और नमक ज्यादा होता है। कुकिंग और प्रोसेसिंग के दौरान सब्जी के सभी तत्व इनके खत्म हो चुके होते हैं। वेगन रेडी मील आपके वेट लूज प्रोग्राम को बिगाड़ सकता है। इसलिए प्रोसेस्ड फूड को नजरअंदाज करें। अगर आपको स्नैक की जरूरत है, तो इसके लिए फूट्स-नट और कोकोआ चॉकलेट को चुनें।

वेगन डाइट से वजन कम होता है:

वेगन डाइट से वजन कम होता है, इसमें कोई दोराय नहीं, बशर्त इसे सही तरह से उपयोग किया जाए ।बेस्ट वेगों डाइट प्लान की बात करे तो इनमे फल, नट्स, सब्जियां, दालें इत्यादि आती हैं । वेगन डाइट किसी डाइटीशियल की देख-रेख में लेनी चाहिए। हर किसी का बॉडी टाइप अलग होता है, सबसे पहले उसे समझने की कोशिश करें। इसके बाद वेगन डाइट लेते वक्त यह सुनिश्चित करें कि कार्बोहाइड्रेट, सभी सही मात्रा में लिए जाएं| आपके शरीर को किस पोषक तत्व की जयादा जरूरत है। यह भी देखना जरूरी है। मान लीजिए शरीर की क्षमता दो रोटी की है और आप चार खा रही हैं तो शरीर दो रोटी की एजजों इस्तेमाल करेगा, बाकी दो रोटी की एलर्जी फैट के रूप में शरीर में इकट्ठी होती रहेगी। आपकी बॉडी को कितनी कैलोरीज की जरूरत है, यह देखें। इसके बाद ही किसी डाइट को फॉली करें।

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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