वायरल बुखार का घरेलू ईलाज Home Remedies For Viral Fever .

Viral Fever treatment के बारे में जानने से पहले इसके होने के मुख्य कारण पर एक नज़र डालते हैं | वैसे तो Fever यानिकी बुखार कभी भी किसी को भी हो सकता है, सामान्यतया Fever होने का जो मुख्य कारण होता है वह वातावरण में temperature का घटने बढ़ने का है | मौसम बदलने के कारण विभिन्न प्रकार के Infections वातावरण में फैल जाते हैं जिनसे Viral fever जैसी बीमारी किसी को भी अपने आगोश में ले सकती है | हालांकि viral fever नामक बीमारी से डॉक्टर की सलाह पर Antibiotics और कुछ और tablet, injection लेकर निबटा जा सकता है |

Viral-fever
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लेकिन यदि कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास जाने से पहले घर पर ही कुछ home remedies viral fever के लिए ढूंढ रहा है, तो आज हम आपको Viral fever से निबटने हेतु कुछ ऐसी home remedies के बारे में Information दे रहे हैं, जो सामन्यतया आपके रसोईघर में भी आसानी से उपलब्ध रहती हैं | लेकिन इन treatments पर बात करने से पहले यह जान लेते हैं की जब बुखार यानिकी Fever आता है तो व्यक्ति कैसा महसूस करता है, अर्थात Fever के symptoms कौन कौन से होते हैं |

वायरल बुखार के लक्षण (Fever Symptoms in Hindi):

आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्य अवस्था से ऊपर चले जाने पर उसको Fever में consider किया जाता है | इसलिए शरीर के तापमान में हुई बढ़ोत्तरी को भी Fever symptoms कह सकते हैं | लेकिन इस symptoms के अलावा बुखार के और भी बहुत सारे symptoms है जो निम्न हैं |

  • कमजोरी का एहसास होना (weakness Feel) |
  • शरीर में थकान का आभास होना (Feeling of Tiredness) |
  • मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द का आभास होना (Muscles and bone aching) |
  • जीभ के स्वाद में परिवर्तन और सिर में दर्द होना भी Fever symptoms की लिस्ट में शामिल है |

वायरल बुखार के घरेलू उपाय (Home remedies for Viral fever treatment).

  1. धनिया से वायरल बुखार का ईलाज (Coriander Seeds):

धनिये के बीज में विटामिन एवं phytonutrients (एक प्रकार का पदार्थ जो कुछ पौधों या उनके बीजों में पाया जाता है) की मात्रा होने के कारण यह व्यक्ति के प्रतिरक्षक प्रणाली (Immune system) को बढाता है | इससे व्यक्ति के शरीर में बीमारी से लड़ने की शक्ति का संचार होता है | इसके अलावा Coriander seeds में antibiotic तत्व भी विद्यमान रहते हैं, जो Viral fever में Infection को कम करने का काम करते हैं | इस home remedy को बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक गिलास पानी लेना है और उसको गरम करने के लिए चूल्हे पर रख देना है इसी दौरान इस पानी में एक चम्मच धनिये के बीज डाल देने हैं | इसमें यदि व्यक्ति चाहे तो स्वाद बढ़ने हेतु थोड़ी सी चीनी मिला सकता है | अब इसको खूब उबालने के बाद निकाल दें और थोड़ी देर ठंडा होने दें फिर यह पानी पी जाएँ यह प्रक्रिया Viral Fever में relief दिलाती है |

  1. वायरल बुखार में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल (Basil Leaves) :

तुलसी के पत्तों में जीवाणुरोधी, कवक नाशक इत्यादि गुण होने के कारण यह Infection एवं Virus को रोकने का काम करता है, इसलिए यह home remedy viral fever में चमत्कार साबित हो सकती है | हालांकि इस remedy को बुखार के दौरान अनेकों तरह से उपयोग में लाया जा सकता है, जैसे तुलसी के लगभग 10 पत्तों को दो गिलास पानी के साथ उबालें और इसमें तीन चार काली मिर्च भी डाल दें, और पानी को तब तक उबालें जब तक पानी आधा अर्थात एक गिलास न रह जाय | उसके बाद इस पानी को निकालें और पीने लायक तक ठंडा होने दें | यह प्रक्रिया दिन में दो बार अर्थात सुबह शाम करने से Viral Fever के रोगी को आराम होता है |

 

  1. अदरक हल्दी काली मिर्च चूर्ण (Ginger, Turmeric and black pepper)

अदरक में anti-inflammatory, antioxidant and analgesic तत्व पाए जाने के कारण यह home remedy भी viral fever में प्रभावी रूप से इसका treatment करने का सामर्थ्य रखती है | इसलिए Viral fever से प्रभावित लोग एक बार इस home remedy को भी आजमाकर अपना अनुभव दूसरों को बाँट सकते हैं | इस remedy को तैयार करने के लिए सुखी हुई अदरक को पीसकर उसका चूर्ण बनाकर उसमे एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच काली मिर्च डालकर उसको एक गिलास पानी में उबाला जा सकता है और जब यह पानी आधा गिलास रह जाय तो इसको चूल्हे से नीचे उतार देना चाहिए, और पीने लायक ठंडा होने तक इंतजार करके पी लेना चाहिए यह प्रक्रिया दिन में तीन बार करने से Viral fever का treatment संभावित है |

 

  1. वायरल बुखार को दूर करने में सहायक है चावल की मांडी (Rice Starch):

यह home remedy viral fever के treatment हेतु प्रचीन काल से उपयोग में लायी जाती रही है | यह remedy शरीर में मूत्रवर्धक एजेंट के रूप में काम करती है यानिकी इसको पीने से बार बार या अधिक पेशाब आ सकती है और दूसरी तरफ यह remedy शरीर की बीमारी रोधक शक्ति को भी बढ़ाती है | जिससे viral fever में धीरे धीरे आराम होने लगता है | इस remedy को तैयार करने के लिए व्यक्ति को कोई extra efforts लगाने की आवश्यकता इसलिए नहीं है क्योकि लगभग सभी रसोईघर में चावल बनाया जाता है, हाँ लेकिन इस remedy को तैयार करते वक्त एक बात का ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिए की चावल बनाते समय चावल में पानी की मात्रा को थोड़ा बढ़ा दें | जिससे चावल भी बन जाय और यह remedy भी, अधपके चावलों में से अपनी आवश्यकतानुसार पानी निकल दें | और इस पानी को गिलास में डालकर उसमे एक चुटकी नमक रखकर पी जाएँ यह viral fever के treatment में सहायक होता है |

वायरल बुखार में सावधानियाँ (Precautions during viral fever in Hindi):

  • Viral fever होने पर व्यक्ति को पीने में हमेशा गरम पानी (boiled water) का उपयोग करना चाहिए |
  • यदि व्यक्ति चाय पीना छठा है तो चाय में अदरक अवश्य डालनी चाहिए |
  • बुखार तेज होने पर भीगे हुए कपड़े को माथे पर रखकर बार बार बदलना चाहिए |
  • अगर आवश्यक न हो तो ठन्डे पानी से नहाने से बचना चाहिए |
  • किसी भी ठंडे खाद्य पदार्थ जैसे दही, आइस क्रीम इत्यादि खाने से बचना चाहिए |
  • सर्दी के दिनों में हमेशा ग्राम कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलना चाहिए |
  • बिना चप्पल पहने ठन्डे फर्श पर घूमना viral fever के दौरान नुकसानदेह हो सकता है |

 

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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