विटामिन B5 के कार्य, स्रोत, कमी के लक्षण एवं फायदे.

विटामिन B5 पानी में घुलनशील बी कॉम्प्लेक्स समूह का विटामिन है । इसे पेंटोथेनिक एसिड भी कहा जाता इसकी खोज रोजर विलियम्स ने 1933 में की थी । अनेक प्रकार के जैविक तत्वों से निकलने वाले ऊतक खमीर की वृद्धि में सहायक होते हैं । इस वृद्धि कारक की पहचान पेंटोथेनिक एसिड के रूप में हुई थी । यह युनानी शब्द ‘पेंटोस’ (pantos) से लिया गया है जिसका अर्थ ‘सब जगह होता है । इसकी पहचान सबसे पहले चूहों, कुत्तों, सुअरों, कबूतरों तथा मुर्गियों के लिये आवश्यक तत्व के रूप में की गई थी । विलियम्स ने इस विटामिन को 1939 में अलग किया तथा बाद में इसका संश्लेषण किया अर्थात इसे रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा तैयार किया गया ।

विटामिन B5

पेंटोथेनिक एसिड या विटामिन B5 क्या है?

पेंटोथेनिक एसिड पीलापन लिये तैलीय द्रव होता है जो स्फटिक (क्रिस्टेलाइज़) नहीं होता लेकिन इसका कैल्शियम साल्ट क्रिस्टेलाइज़ होता है तथा यह सामान्यतः इसी रूप में उपलब्ध होता है । विटामिन  B5 नामक यह विटामिन निष्क्रिय घोलों में नष्ट नहीं होता है लेकिन एसिड तथा अल्कलाइन या क्षारीय पदार्थों में तेज़ी से नष्ट हो सकता है । यह भोजन प्रक्रिया, कैफीन, सल्फर ड्रग, निद्रा की गोलियों तथा एल्कोहल में भी नष्ट हो सकता है । पेंटोथेनिक एसिड को आहार नली (alimentary tract) से अवशोषित किया जाता है तथा यह मूत्र तथा माता के दूध में उत्सर्जित होता है ।

विटामिन  B5 के कार्य

विटामिन  B5 या पेंटोथेनिक एसिड इंज़ाइम तंत्र का एक भाग होता है जो कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा प्रोटीन के पाचन में और एमिनो एसिड एवं वसायुक्त एसिड के संश्लेषण में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है । यह पॉफइरिन (porphyrin) (हेमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल को लाल रंग देता है ।) के निर्माण के लिये भी आवश्यक है । विटामिन  B5 नामक यह विटामिन शरीर के सभी आवश्यक कार्यों में सम्मिलित होता है । यह एड्रीनल ग्रन्थियों को उद्दीप्त करता है तथा कोर्टिसोन एवं अन्य एड्रीनल हारमोनों के उत्पादन में वृद्धि करता है । यह मूलरूप से तनाव-प्रतिरोधी कारक है और शारीरिक तथा मानसिक तनावों एवं टोक्सिन की रोकथाम करता है । पेंटोथेनिक एसिड शारीरिक शक्ति में वृद्धि करता है, संक्रमणों को दूर रखता है तथा बीमारी से शीघ्र ठीक होने में सहायता देता है । यह केंद्रीय स्नायु तंत्र की सामान्य वृद्धि तथा विकास को बनाए रखता है । यह विटामिन बुढ़ापे को आगे सरका देता है । विटामिन  B5 अत्यधिक विकिरण (radiation) से होने वाली क्षति से भी सुरक्षा देता है ।

विटामिन  B5 या पेंटोथेनिक एसिड के स्रोत:

विटामिन  B5 या पेंटोथेनिक एसिड के सर्वोत्तम स्रोत खमीर, यकृत तथा अंडे हैं । इसके अन्य अच्छे स्रोत मूंगफली, मशरूम, दली दालें, सोयाबीन तथा सोयाबीन का आटा इत्यादि है । पेंटोथेनिक एसिड की लगभग आधी मात्रा अनाज को पीसने में नष्ट हो जाती है । फलों में इस विटामिन की मात्रा कम ही होती है ।

अनाज जिनमें विटामिन  B5 पाया जाता है 

  • सूखी जई-दलिया
  • गेहूं जीवाश्म
  • भूरा चावल
  • गेहूं का आटा

दालें तथा फलियां जिनमे विटामिन  B5 पाया जाता है |

  • पिसा सोयाबीन
  • दली मटर
  • सोयाबीन
  • मसूर दाल
  • सूखा रवां

सब्ज़ियां जिनमें विटामिन  B5 पाया जाता है

  • मशरूम
  • ब्रॉकली
  • फूलगोभी

सूखे मेवे तथा तिलहन

  • मूंगफली
  • सूरजमुखी-बीज
  • काजू

इन सबके अलावा यकृत में भी विटामिन B5 पाया जाता है |

विटामिन B5 की कमी के लक्षण (Vitamin B5 deficiency in Hindi):

 विटामिन  B5 या पेंटोथेनिक एसिड के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार से हैं |

  • इसकी कमी से दीर्घकालिक थकान हो सकती है |
  • संक्रमणों से पीड़ित होने की संभावना होती है |
  • विटामिन B5  की कमी से चिड़चिड़ापन, चक्कर आना तथा पेशीय कमज़ोरी इत्यादि हो सकती है |
  • इसकी कमी से पेट-दर्द, कब्ज़, त्वचा-सम्बन्धी रोग हो सकते हैं |
  • बुद्धि का कम विकास, पीड़ादायक तथा जलते पैर भी इसकी कमी के लक्षण हैं |
  • अनिद्रा, पेशीय संकुचन तथा ऐंठन, थकान, इत्यादि लक्षण भी उजागर हो सकते हैं |
  • विटामिन B5 की कमी से  कम रक्त शुगर, कम रक्तचाप तथा डुओडेनल अल्सर हो सकते हैं ।

विटामिन  B5 के रोगों में फायदे :

ईलाज के लिये पेंटोथेनिक एसिड की सामान्य मात्रा 50-200 मि.ग्रा. होती है । कुछ अध्ययनों में 1,000 मि.ग्रा. या इससे अधिक की खुराक 6 मास तक दी गयी जिसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं हुआ था ।

तनाव में विटामिन  B5 के फायदे(Benefits of Vitamin B5 in Hindi) :

तनाव से राहत पाने के लिये पेंटोथेनिक एसिड या विटामिन  B5 को मूल्यवान पाया गया है । एक अध्ययन में, स्वस्थ लेकिन तनावग्रस्त व्यक्तियों पर पेंटोथेनिक एसिड की बड़ी मात्रा का परीक्षण किया गया था । इन लोगों को ठंडे पानी में आठ मिनट तक डुबोकर रखा गया तथा इसके बाद उन्हें 10,000 मि.ग्रा. कैल्शियम पेंटोथीनेट देने के बाद आठ मिनट तक दोबारा पानी में रखा गया । प्रतिदिन 6 सप्ताह तक ऐसे ही किया गया । उनका तनाव केवल आठ मिनट तक चला लेकिन पेंटोथेनिक एसिड ने उनमें प्रोटीन के  नष्ट होने, साल्ट के रुकने तथा ब्लड शुगर के बढ़ने की रोकथाम की । इसने रक्त कोलेस्ट्रोल को कम किया । इसके विटामिन  B5 के कोई विषाक्त प्रभाव नहीं हुये ।

गठिया रोग में विटामिन  B5 के फायदे :

गठिया रोग में पेंटोथेनिक एसिड या विटामिन  B5  बेहद उपयोगी पाया गया है । एक माइक्रोबायोलोजिस्ट, डा. ई. सी. बार्टन-राइट का विश्वास था कि गठिया विटामिन की कमी से संबंधित एक रोग है जिसे पेंटोथेनिक एसिड को भोजन द्वारा उचित मात्रा में देने से रोका जा सकता है । डा. डब्ल्यू. ए. इलियट तथा डा. बार्टन-राइट (दोनों इंग्लैण्ड निवासी) ने सबसे पहले दर्शाया कि रयूमेटिक आर्थराइटिस (rheumatic arthritis) से पीड़ित रोगियों के रक्त में पेंटोथेनिक एसिड की मात्रा स्वस्थ व्यक्तियों की तुलना में कम थी । कुछ मामलों में 1,000 मि.ग्रा. के प्रतिदिन प्रयोग से गठिया-दर्द कम करने के लिये लाभकारी पाया गया ।

संक्रमण में विटामिन  B5 के फायदे  :

विटामिन  B5 या  पेंटोथेनिक एसिड संक्रमण के दौरान यकृत की रक्षा करता है । जब संक्रमण का इलाज एंटीबायटिक द्वारा किया जा रहा हो तो पेंटोथेनिक एसिड दवाई-प्रतिरोधी जीवाश्मों की संभावना को कम करता है, एंटीबायटिक की प्रतिक्रिया से होने वाले खतरे को कम करता है । तथा शरीर में रोगनाशक द्रव्यों की वृद्धि करता है ।

त्वचा-सम्बन्धी रोग में विटामिन  B5 के फायदे  :

विटामिन  B5 या पेंटोथेनिक मुख या इंजेक्शन द्वारा या बाह्य लेप के रूप में, सनबर्न या झुलसाने वाली धूप तथा बुढ़ापे में होने वाले चर्म रोग से बचाने में मदद करता है ।

असमय सफ़ेद बालों में फायदे :

विटामिन  B5 या  पेंटोथेनिक एसिड सफेद बाल-प्रतिरोधी तीन विटामिनों में से एक है, इनमे अन्य दो विटामिन पेरा-एमिनोबेंजोयक एसिड तथा इनोसिटोल हैं । अनेक लोगों, जिनके बाल सफेद थे, ने पेंटोथेनिक एसिड की खुराक ली तथा उनमें से कुछ के बाल फिर से प्राकृतिक रंग के हो गये । लेकिन संतोषजनक परिणामों के लिये, सफेद-बाल-प्रतिरोधी सभी विटामिनों का प्रयोग भोजन में एकसाथ किया जाना चाहिए, जैसे खमीर, गेहूं जीवाश्म (wheat germ) तथा यकृत इत्यादि का ।

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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