बायोटिन Vitamin B8 के फायदे स्रोत कमी के लक्षण

बायोटिन अर्थात Vitamin B8  बी कॉम्प्लेक्स समूह का एक सदस्य है । 1927 में एम. ए. बोआस ने यह महत्त्वपूर्ण खोज की कि जब कच्चे अंडे की सफेदी को चूहों के भोजन में प्रोटीन के मुख्य स्रोत के रूप में दिया गया तो चूहों ने ऐसे न्यून लक्षण विकसित कर लिये जिससे त्वचा शोथ (dermatitis), बालों का गिरना तथा पेशीय असंयोजन सम्मिलित थे । इन सभी लक्षणों की खमीर, यकृत तथा अंडे की जरदी से रोकथाम की जाती थी । इस कारक को ‘एंटी-एग-व्हाइट इंजरी फैक्टर’ (anti-egg-white injury factor) कहा गया ।

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Vitamin B8 या बायोटिन क्या है

1931 में ग्योर्जी ने इस कारक को विटामिन एच का नाम दिया । जर्मनी भाषा में Hant शब्द का अर्थ त्वचा है । इसे 1939 में पी. ग्योर्जी, आर. कुन तथा लेडरर ने अलग किया तथा इसे बायोटिन कहा गया । बायोटिन सभी जैविक पदार्थों में सर्वाधिक सक्रिय होता है । Vitamin B8  नामक इस विटामिन की अल्प मात्रा भी खमीर की वृद्धि तथा बैक्टीरिया पर प्रभाव दिखाती है । यह अनेक इंज़ाइम तंत्रों का भाग होता है । बायोटिन गरम पानी में आसानी से घुल जाता है लेकिन ठंडे पानी में कम ही घुलता है । यह वसा घोलों में घुलनशील नहीं होता तथा एल्कोहल घोलों में कम ही घुलता है । पानी, सल्फा डूग, ओस्ट्रोजन, भोजन प्रक्रिया, एल्कोहल तथा अधिक मात्रा में अंडे की सफेदी इस विटामिन को नष्ट कर सकते हैं ।

Vitamin B8 के शरीर में कार्य:

Vitamin B8 स्वस्थ प्रतिरक्षा तंत्र के लिये महत्त्वपूर्ण है । यह कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के पाचन में योगदान देता है । यह स्वास्थ्य में वृद्धि तथा स्वस्थ बालों के लिये आवश्यक होता है । यह असमय बालों को सफेद होने से रोकता है साथ ही बालों को झड़ने से बचाता है । Vitamin B8 नामक यह विटामिन त्वचा तथा स्नायु तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है । यह रंजक (colour pigment) के उचित वितरण को नियंत्रित करता है ।

Vitamin B8 के मुख्य स्रोत:

शराब बनाने में प्रयुक्त खमीर (brewer’s yeast), यकृत, चावल की भूसी, चावल की पॉलिश तथा मुंगफली से बना मक्खन (peanut butter) इत्यादि बायोटिन के समृद्ध स्रोत हैं । यह विटामिन सामान्यतया आंतों में बनता है यदि उसमें पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ आंतिल जीवाश्म (intestinal flora) उपस्थित हो । लेकिन एंटीबायोटिक का निरन्तर प्रयोग इस विटामिन के संश्लेषण में व्यवधान डाल सकता है । इसके अलावा इस विटामिन के मुख्य स्रोत हैं ।

अनाज जिनमे Vitamin B8 पाया जाता है

  • चावल की भूसी
  • पोलिश चावल
  • जीवाश्म चावल
  • जौ
  • जई
  • गेहूं
  • भूरे चावल में

दालें तथा फलियाँ जिनमें Vitamin B8 पाया जाता है

  • सोयाबीन का आटा
  • सोयाबीन
  • दली हुई मटर
  • मसूर

सूखे मेवे जिनमे Vitamin B8 पाया जाता है

  • अखरोट
  • भुनी हुई मूंगफली
  • बादाम

इसके अलावा सब्जियों जैसे मशरूम, गोभी एवं मांस यकृत में यह पाया जाता है |

Vitamin B8 की कमी के लक्षण:

बायोटिन की कमी से पेशीय कमज़ोरी, दर्द, त्वचा में जलन, ऊर्जाहीनता तथा भूख में कमी के लक्षण होते हैं । इसके कारण एकज़ीमा, डेंड्रफ, बालों का टूटना तथा तैलीय त्वचा होते हैं । अन्य सामान्य समस्याएं जो इसकी कमी के कारण हो सकती हैं, वह हैं त्वचा के विकार, हृदय की अनियमितताएं, फेफड़ों में संक्रमण, रक्ताल्पता, अत्यधिक थकान, घबराहट, मानसिक अवसाद तथा आलस्य; जीभ का मांसल भाग भी नष्ट हो सकता है ।

Vitamin B8 के स्वास्थ्य लाभ

जिन नवजात शिशुओं में तैलीय त्वचा शोथ हो उन्हें 20 मा. ग्रा. बायोटिन को दस दिन तक प्रतिदिन अंतर्देशीय देने से त्वचा अर्बुदों को 90 प्रतिशत सही किया जा सकता है । 8 से 12 सप्ताह तक 400 मा. ग्रा. की खुराक को मुख द्वारा लेने पर, या 600 मा. ग्रा. को 6 से 8 सप्ताह तक लेने पर मुहांसे या एक्ने तथा तैलीय एक्जीमा को सफलता के साथ ठीक किया जा सकता है । दिन में एक बार ट्रॉपिकल क्रीम लगाने से तथा 0.25 से 1.0 प्रतिशत बायोटिन वाले शैंपू द्वारा सप्ताह में तीन बार बाल धोने से पुरुषों में बालों के गिरने को कम तथा नियंत्रित किया जा सकता है ।

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