विटामिन C के स्रोत, लाभ एवं इसकी कमी से होने वाले रोग |

विटामिन C की यदि हम बात करें तो यह जल में घुलनशील विटामिन है यह विशुद्ध रासायनिक एस्कार्बिक एसिड है जिसका उपयोग औषधि अर्थात दवाई के रूप में किया जाता है |  कहा यह जाता है की 1 मिली ग्राम विटामिन C (एस्कार्बिक एसिड) 20 अन्तर्राष्ट्रीय यूनिट के बराबर होता है । इस प्रकार का यह विटामिन बिना रंग और बिना गन्ध के कणों में पाया जाता है, इसका स्वाद खट्टा होता है । Vitamin C रुधिर के लाल कण बनाने में बहुत ही आवश्यक होता है इसलिए आज हम हमारे Vitamins and Minerals नामक श्रेणी में Vitamin C के बारे में जानने की कोशिश करेंगे | ताकि हमारे पाठकगण इसकी उपयोगिता एवं इसकी कमी से से होने वाले लक्षणों के बारे में जानकर समय पर इसकी कमी को अपने शरीर में पूर्ण कर सकें |

Vitamin-C sources benefits deficiency

विटामिन सी की कमी से होने वाले रोग:

शरीर में विटामिन सी की कमी होने पर निम्नलिखित बीमारियों अर्थात रोगों के पैदा होने की आशंका रहती है |

  • यदि किसी के शरीर में विटामिन C की कमी हो जाए तो हो सकता है की कैपीलरीज अर्थात रक्त कोशिकाओं की दीवारें फटने लग जाएँ और रोगी के शरीर में कीटाणु पहुँचकर संक्रमण फैलाकर कोई संक्रामक रोग उत्पन्न कर दें ।
  • इसकी कमी हो जाने से समय से पहले आँखों में मोतियाबिन्द नामक बीमारी पैदा हो सकती है ।
  • इस विटामिन अर्थात Vitamin C की कमी से स्कर्वी रोग तो होता ही है इसके अलावा शरीर में रक्त की भी भारी कमी हो जाती है ।
  • यदि शरीर में इस विटामिन की कमी है तो टूटी हड्डियाँ जुड़ नहीं पाती, और बेहद कमजोर हो जाती है ।
  • विटामिन C की कमी से तरह तरह के रक्त विकार पैदा हो सकते हैं |
  • चर्म रोग हो सकता है |
  • लकवा रोग होने की भी संभावना होती है |
  • श्वेत प्रदर तथा सन्धिशोथ नामक बीमारी का उद्गम भी इस विटामिन सी के कमी के कारण हो सकता है |

विटामिन C की कमी के लक्षण (Vitamin C Deficiency in Hindi):

Vitamin C की कमी के मुख्य लक्षण निम्नवत हैं |

  • विटामिन C की कमी के कारण मुहं से बदबू अर्थात दुर्गन्ध आ सकती है |
  • इसकी कमी से शरीर दुर्बल अर्थात कमजोर हो जाता है |
  • शरीर में रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता में कमी आ जाती है जिससे प्रभावित व्यक्ति को कोई भी बीमारी एकदम अपने कब्जे में ले सकती है |
  • ब्लड प्रेशर असंतुलित होने लगता है |
  • प्रभावित व्यक्ति बेहद आलसी हो जाता है |
  • प्रभावित व्यक्ति अजीर्ण की समस्या से ग्रसित हो सकता है |
  • विटामिन C की कमी से-थोड़ा काम करने से भी थकावट महसूस हो सकती है |
  • इसके अलावा पुट्ठों की कमजोरी, साँस लेने में कठिनाई भी हो सकती है |
  • भूख न लगना, मसूढ़ों का सूज जाना भी Vitamin C की कमी का लक्षण हो सकता है |

विटामिन C की उपयोगिता (Benefits of Vitamin C in Hindi):

हालांकि विटामिन सी की उपयोगिता उपर्युक्त लक्षणों एवं इसकी कमी से होने वाले रोगों से स्पष्ट हो जाती है लेकिन इसके अलावा कुछ और भी उपयोगिताएं हैं जिनका वर्णन निम्न है |

  • यह विटामिन निशास्ता वाले खाद्य पदार्थो को पचाकर शरीरांश बनाने के लिए बेहद आवश्यक है ।
  • विटामिन C घावों को भरने, पीप को शुष्क करने और टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए भी अनिवार्य होता है ।
  • मसूढ़े सूज जाने पर 50 से 75 मि.ग्रा. Vitamin C खिलाते रहने से मसूढ़ों की सूजन (Gingivitis) व पायरिया में आराम आ जाता है ।
  • विटामिन सी रक्त-वाहिनियों को लचीला बनाती है और उनकी कठोरता को दूर करती है ।
  • Vitamin C की प्रतिदिन 15-30 मिलीग्राम मात्रा लेने से व्यक्ति को स्कर्वी रोग होने का खतरा नहीं रहता है |

विटामिन C कौन से पदार्थों में अधिक पाया जाता है (Vitamin C Sources in Hindi):

विटामिन C नामक इस विटामिन का आत्मीकरण अधिकांश तौर पर छोटी ऑतों से होता है । इसलिए पाचन संस्थान की अस्वस्थकर दशाओं अतिसार, संग्रहणी इत्यादि में यह विटामिन मल के साथ शरीर से निकल जाता है । इसके अलावा जिनमे इस विटामिन की कमी पायी जाती है वे लोग हमेशा इस ओर प्रयासरत रहते हैं की वे किस प्रकार से अपने शरीर में Vitamin C की कमी की पूर्ति करें इसलिए इस लेख में उन खाद्य पदार्थों के बारे में जानना जरुरी हो जाता है जिनमे विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | यह तत्व अर्थात Vitamin C हरी शाक-सब्जी और ताजे फलों में अधिक पाया जाता है । सन्तरा, नारंगी, नींबू तथा इसी जाति के दूसरे फलों में केला, कटहन अंगूर, पोदीना, मुनक्का, दूध, चौलाई का साग, हरा धनिया, पपीता, अमरूद अनानास, पत्ता गोभी, पालक, शलगम, मूली के पत्ते, टमाटर, बेर, सेब, तथा ताजे और सूखे आँवलों में पर्याप्त मात्रा में यह पाया जाता है । फलों और शाक-सब्जी के ऊपरी भाग में यह विटामिन अधिक होता है और किसी भी फल में उसके पकने से पूर्व और पकने के बाद की यदि हम तुलना करें तो हम पाएंगे की यह तत्व कच्चे फलों में अधिक मात्रा में पाया जाता है । फलों के पक जाने पर यह तत्व निरन्तर घटता चला जाता है दूध में इस विटामिन की मात्रा कम होती है । विटामिन ए की पूरी जानकारी हिंदी में |

सबसे अधिक विटामिन C युक्त पदार्थ की यदि हम बात करें तो वह आँवला है । ताजा फलों, व सब्जी को गरम करने अथवा सुखाने से विटामिन सी का अधिकांश भाग नष्ट जाता है यदि हम एक स्वस्थ मनुष्य के लिए Vitamin C की मात्रा का निर्धारण करेंगे तो हम पाएंगे की इस विटामिन की औसत दैनिक आवश्यकता 50 मिलीग्राम होनी चाहिए । यद्यपि आयु, अवस्था एवं शरीर के अनुसार मात्रा का निर्धारण अंतरित हो सकता है ।

 

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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