Vomiting अर्थात उल्टियाँ लगने के कारण एवं उपचार

अक्सर जब बच्चे उल्टी अर्थात Vomiting करने लगते हैं तो माता पिता चिंतित हो जाते हैं की आखिर यह किन कारणों से हुआ होगा | बच्चों में उल्टी होने के अलग अलग कारण अर्थात कुछ सामान्य तो कुछ गंभीर कारण भी हो सकते हैं | ये जो उल्टियाँ Vomiting बच्चों को होती हैं यह किस वजह से हो रही हैं अर्थात इसके कारण क्या हैं यह तो एक चिकित्सक ही विभिन्न जांचों के माध्यम से बता पाने में सक्षम होंगे लेकिन लेकिन यहाँ पर हम कुछ सामान्य से कारणों का वर्णन कर रहे हैं जिनकी वजह से बच्चे उल्टियाँ कर सकते हैं |

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 उल्टी होने के मुख्य कारण (Cause of Vomiting hindi):

  • बच्चे को दूध पिलाने के तरीके में कमी, या एमनियोटिक द्रव्य या कोई अन्य दवाई की प्रतिक्रिया के कारण भी बच्चे को उल्टी हो सकती है ।
  • मेकोनियम प्लग, ट्रेकिया व इसोफेगस का फिस्ट्राला, आंतों में रुकावट भी एक कारण हो सकता है ।
  • सेप्टीसीमिया, मेनीनजाईटिस, ऐनसेफेलाइटिस इत्यादि भी एक कारण हो सकता है ।
  • बच्चे को चोट लगना, हाइड्रोसिफेलस भी Vomiting एक कारण हो सकता है ।
  • खून में कैल्शियम की मात्रा का अधिक व कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का कम होना भी एक कारण हो सकता है |
  • फिनाइल किटोयूरिया भी Vomiting एक कारण हो सकता है ।

दो-तीन माह से एक साल के बच्चों में उल्टी का कारण:

  • यदि माता पिता या बच्चे की देख रेख करने वाले अन्य व्यक्ति ने बच्चे को ज्यादा दूध पिला दिया हो |
  • बच्चे को सही ढंग से दूध नहीं पिलाया गया हो |
  • यदि बच्चे को ठोस आहार जल्दी शुरू कर दिया गया हो जबकि उसे अभी चबाना या खाना न आता हो ।
  • पाइलोरिक स्टीनोसिस व पाइलेरो स्पाज्म से आशय एक ऐसे रोग से है जिसमे बच्चा दूध पिलाने के तुरन्त बाद उसे पलट देता है, अर्थात दूध बाहर निकाल देता है, ऐसे में बच्चे के आंतों का निरीक्षण कराना चाहिए।
  • मेनिनजाइटिस, ऐनसेफेलाइटिस, बूपिंग कफ, पेरिटीनाइटिस भी एक कारण हो सकता है ।
  • दिमाग में कोई ट्यूमर आदि हो, खून दिमाग की झिल्ली में इकट्ठा हो जाए, हाइड्रोसिफेलस, दिमाग में रक्तस्राव होने पर भी बच्चा उल्टी कर सकता है ।
  • यदि बच्चे को गाय का दूध पिलाया गया हो लेकिन बच्चे को गाय के दूध से एलर्जी हो ।
  • कीटो एसिडोसिस, यूरीमिया भी एक कारण हो सकता है ।

एक साल से ऊपर के बच्चों में उल्टी होने के कारण:

एक साल से ऊपर के बच्चों में उल्टी अर्थात Vomiting होने के कुछ मुख्य कारण निम्न हैं |

  • यदि किसी बच्चे के नाक के पिछले भाग से कुछ स्त्राव होता है तो इससे फैरिंक्स में क्षोभ पैदा हो सकता है और बच्चे को खांसी भी हो सकती है । इस प्रक्रिया से बच्चे को उल्टी हो जाती है ऐसा विशेषकर सुबह के समय होता है ।
  • एक साल से ऊपर के बच्चों को डर या भय से या किसी चीज को देखकर या उसकी सुगंध/दुर्गन्ध/महक से भी उल्टी हो हो सकती है।
  • बस या गाड़ी से सफर करने पर भी उल्टियाँ हो सकती हैं ।
  • पेट का इंफेक्शन, कान बहना, निमोनिया, वाइरल हिपेटाईटिस, मूत्र पेनकियेटाइटिस व अन्य रोगों के कारण भी बच्चों को उल्टी हो सकती है।
  • आँतों में रुकावट के कारण भी बच्चे को अधिक उल्टियां व कब्ज हो सकती है ।
  • दिमाग में ट्यूमर, मस्तिष्क झिल्ली में रक्त का जमना, हाइड्रोकिफेलस व अन्य मस्तिष्क रोग के कारण भी उल्टियाँ हो सकती हैं ।
  • यूरीमिया, डायबिटिक कीटो एसिडोसिस इत्यादि रोगों में भी बच्चों को उल्टियां लग सकती है । विषैला भोजन करने पर आंत्रशोध होने के कारण भी उल्टियाँ हो सकती हैं ।

उल्टियों का ईलाज (Treatment of Vomiting in Hindi):

हालांकि बहुत बार ऐसा देखा गया है की बच्चों में उल्टियां vomiting या दूध को ज्यों का त्यों निकाल देने का कोई विशेष कारण नहीं होता, ऐसे में बच्चे की सेहत पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव जैसे  वजन घटना इत्यादि भी नहीं दिखाई देते । इसमें माता पिता को समझ लेना चाहिए की यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन यदि बच्चे में निम्नलिखित लक्षण हो तो चिकित्सक को दिखाकर कारण का पता लगाकर उसका उपचार शुरू किया जा सकता है |

  • यदि बच्चे को बुखार के साथ या उसके बिना लगातार उल्टी होती रहे ।
  • बच्चा गिरा-गिरा सा, सोया हुआ सा कगता हो ।
  • भोजन निगलने या दूध पीने में उसे परेशानी हो रही हो ।
  • बच्चे का पेट फूल गया हो ।
  • बच्चे के पेट में कोई वृद्धि जो छूने पर महसूस हो रही हो ।
  • सिर में दर्द होना एवं दौरे पड़ना |
  • बच्चे के शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखना ।

उपर्युक्त लक्षण दिखने पर बच्चे को ठंडा पानी घूट-घूट करके पीने को दे सकते हैं, चिकित्सक द्वारा बच्चे को  शरीर में पानी की कमी को पूरी करने हेतु रीगर लेक्टेट या N/2 सोल्यूशन IV के माध्यम से दी जा सकती हैं । यदि बच्चों में उपर्युक्त लक्षण अर्थात Vomiting के लक्षण विषैला भोजन की वजह से हों तो ऐसी स्थिति में उल्टी बंद करने की दवाइयां नहीं खानी चाहिए |जहाँ तक औषधीय चिकित्सा की बात है बच्चे में लक्षणों के आधार पर चिकित्सक द्वारा विभिन्न प्रकार के इंजेक्शन जैसे  इंजेक्शन स्टेमेटिल (मिली), इंजेक्शन पेरीनार्म इत्यादि मांसपेशी में लगाने को कहा जा सकता है | इसके अलावा Vomiting का ईलाज करने के लिए चिकित्सक द्वारा सिरप जैसे सीरप पेरीनार्म, सीरप डोमस्टाल, सीरप डोमपीरो , सीरप नोरमेटिक, सीरप नोरमोडील इत्यादि दी जा सकती हैं |

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2 Replies to “Vomiting अर्थात उल्टियाँ लगने के कारण एवं उपचार”

  1. मेरी भांजी जिसकी उम्र 21 साल है उसे कुछ भी खाते ही उल्टियाँ सुरु हो जाती है कृपया कोई अचूक इलाज बताये

    1. राम जी,
      इस उम्र में उल्टी होने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे भावनात्मक तनाव, खाने की नली में रुकावट, किसी खास भोजन से हाइपर सेंसेट्वटी इत्यादि इसलिए डॉक्टर से मिलकर चिकित्सा करना उचित होगा.

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