डायबिटीज के लिए योगासन Yoga For Diabetes in Hindi.

डायबिटीज के लिए योगासन पर बात करने से पहले यह जान लेना जरुरी होता है की योगा की किसी भी बीमारी को नियंत्रित करने या जड़ से खत्म करने में अहम भूमिका मिलती आई है चूँकि वर्तमान में लोगों की शारीरिक क्रियाकलापों में भारी मात्रा में कमी आई है जिसके चलते जाने अनजाने में जो योग क्रियाएं किसी व्यक्ति या महिला द्वारा हो जाया करती थी अब वो भी नहीं होती हैं इसलिए वर्तमान में डायबिटीज जैसी बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और वर्तमान में हर उम्र के लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं भी लेकिन जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं इस बीमारी का पूर्ण रूप से इलाज संभव नहीं है लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रख पाता हा तो वह आम आदमी की जिंदगी आराम से जी सकता है आज हम अपने इस लेख के माध्यम से डायबिटीज के लिए योगासन की बात करेंगे |

  1. शीर्षासन :

    डायबिटीज के लिए योगासन में पहला आसन शीर्षासन है इस आसन का यदि हम शाब्दिक अर्थ निकालेंगे तो हम पाएंगे की यह शीर्ष और आसन दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है | जिसमे शीर्ष का अर्थ सिर के अग्रभाग से और आसन का आसन से है |

    डायबिटीज के लिए योगासन sirsasana

शीर्षासन करने की विधि:

यह आसन करने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को वज्रासन में बैठना पड़ता है उसके बाद सिर को सामने की तरफ झुकाते हुए कम्बल पर सिर के अगले भाग का उपरी सिरा टिकते हैं | दोनों हाथों की अँगुलियों को एक दुसरे में फंसाकर सिर के समीप घेरा बनाते हुए रखते हैं | अब इसके बाद क्रमशः सिर की तरफ जोर लगाते हुए या वजन बढ़ाते हुए कमर को उठाते हैं | इस अवस्था में शरीर का आधा वजन पैरों की तरफ एवं आधा वजन सिर की तरफ हो जाता है | इसी तरह अब पूरा संतुलन बनाते हुए शारीर का पूरा भाग सिर की तरफ यानिकी आगे की और करते हैं और दोनों घुटनों को संतुलन बनाते हुए ऊपर की तरफ उठाते हैं | धीरे धीरे एक पैर को सीधे ऊपर अर्थात आसमान की तरफ ताना जा सकता है और उसके बाद दूसरे पैर को भी उसी स्थिति में पहुंचा दे | अब यदि हम संक्षेप में कहें तो सिर जमीन की ओर और पैर आसमान की ओर हो गए होंगे यही अवस्था शीर्षासन कहलाती है |

  1. सर्वांगसन:

    डायबिटीज के लिए योगासन में दूसरा आसन सर्वांगसन है इस आसन की यदि हम बात करें तो यह आसन तीन अलग अलग शब्दों सर्व, अंग एवं आसन से मिलकर बना हुआ है जहाँ सर्व का अर्थ पूर्णता से अंग का अर्थात शरीर से एवं आसन का अर्थ आसन से लगाया जा सकता है | इस आसन को करने से शरीर के सभी अंगों का योग हो जाता है इसलिए इसे सर्वांगसन के नाम से जाना जाता है |

    Yoga for diabetes sarvangasana

सर्वांगसन करने की विधि:

डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएँ दोनों हाथों को जमीन पर कमर के अगल बगल में रखा जा सकता है | घुटनों को कड़ा करते हुए धीरे धीरे दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठायें और इन्हें सिर्फ इतना उठायें की कमर और पैर लगभग समकोण बना सकें | अब अपनी हथेलियों को कमर पर लगा सकते हैं और उसके बाद हाथों के सहारे कमर को धीरे धीरे इतना उठायें की आपकी ठुड्डी आपके सीने को टच करने लगे | उसके बाद हाथों को सीधे कर लें यह आसन सर्वांगसन कहलायेगा |

  1. सुप्त वज्रासन:

    डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएँ उसके बाद धीरे धीरे कोहनियों के सहारे पीछे की तरफ झुकते चले जाएँ और उसके बाद वैसे ही भूमि पर लेट जाएँ | अब पीठ के भाग को थोडा थोडा ऊपर की और उठायें और गर्दन को झुकाते हुए सिर पर वजन देना शुरू करें हाथों को या तो सीने पर या फिर जाँघों में रखा जा सकता है |

    Supt-Vajarasan Yoga for diabetes

  2. उष्ट्रासन:

    उष्ट्रासन से आशय ऊंट की आकृति वाले आसन से है, डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएँ और उसके बाद घुटनों के बल खड़े हो जाएँ अब पीछे की तरफ झुकते हुए दाहिने हाथ से दाहिनी एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें और बाएं हाथ से बायीं एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें | सिर को पीछे झुकाएं पेट, नाभि इत्यादि को आगे की और उभारें सिर एवं रीढ़ की हड्डी को जितना हो सके पीछे की और झुकाएं |

    Yoga for diabetes ushtrasana

  3. मंडूकासन :

    मंडूक का यदि हम शाब्दिक अर्थ की बात करेंगे तो इसका अर्थ मेंढक से लगाया जा सकता है इस आसन को करते वक्त मनुष्य को मेंढक की आकृति जैसा बनना पड़ता है | इसलिए इसे मंडूकासन कहते हैं | मंडूकासन करने की विधि: डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएँ धीरे धीरे घुटनों को एक दुसरे से अलग करने की कोशिश करें और पैरों की अँगुलियों को एक दुसरे से स्पर्श करें अब अपने हाथों को मुट्ठी बांधकर पेट में नाभि की जगह पर रखें और पेट को दबाते हुए आगे की तरफ झुकते जाएँ लेकिन नज़र सामने ही रखें |

    Yoga for Diabetes mandukasana

  4. गोमुखासन:

    इस आसन को करते वक्त गाय के मुहं जैसी आकृति हो जाती है इसलिए इसे गोमुखासन कहते हैं | डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए सुखासन में बैठ जाएँ उसके बाद बाएं पैर के पंजे को दाहिने नितम्ब के नीचे इस प्रकार रखा जाता है की एड़ी गुदा द्वार के नीचे आ जाती है | दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर इस प्रकार रखा जाता है की पंजे जमीन को छूने लग जाते हैं | अभ्यास से दोनों एड़ियाँ आपस में मिलने लग जाती हैं | उसके बाद बाएं हाथ को बगल से पीठ के पीछे की और ले जाया जाता है और दाहिने हाथ को दाहिने कान की तरफ से पीछे की ओर ले जाया जाता है | दोनों हाथ के पंजों को एक दुसरे में कैंची की तरह फंसा लिया जाता है | इस अवस्था में स्थिर रहकर साथ ली एवं छोड़ी जा सकती है | उसके बाद मूल स्थिति में वापस आकर हाथ पैरों की स्थति बदली जा सकती है |

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  1. भुजंगासन:

    यह आसन दो शब्दों भुजंग एवं आसन से बना हुआ है इसमें भुजंग का अर्थ सर्प से लगाया जा सकता है अर्थात इस क्रिया को करते वक्त मनुष्य सर्प की आकृति में हो जाता है इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है | डायबिटीज के लिए योगासन करने के लिए सर्वप्रथम पेट के बल जमीन पर लेट जाएँ पैरों को एकदम टाइट करके तानकर रखें और ध्यान रहे पैरों के तलवे आसमान की तरफ हों | उसके बाद हाथों के सहारे सिर एवं धड़ को ऊपर उठाया जाता है इसलिए भुजंगासन कर रहे व्यक्ति को हाथों को कन्धों के समीप रखना चाहिए | इसके बाद हथेलियों को जमीन पर टीकाकर सिर और धड़ को धनुषाकार रूप में धीरे धीरे उठाया जा सकता है पूर्ण आसन होने पर हथेलियों पर जोर देना चाहिए ताकि शरीर अच्छे से तना रह सके |

    Yoga for diabetes in hindi bhujangasana

 

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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